103 साल की उम्र में सूखा सिंह ने Corona को दी मात, अस्पताल से मिली छुट्टी

अक्टूबर 1917 में जन्मे सूखा सिंह को 103 साल की उम्र में भी डायबीटीज और बीपी समेत कोई रोग नहीं है। 24 दिनों तक आईसीयू में रह कर कोरोना को हराने वाले सूखा सिंह देश के सबसे उम्रदराज मरीज (Oldest Coronavirus Survivor) है।


प्रतिकात्मक तस्वीर

   



103 साल के सूखा सिंह छाबरा कोरोना को मात देकर अपने घर लौट आए हैं


कोरोना को हराने वाले सूखा सिंह देश के सबसे उम्रदराज मरीज हैं


24 दिनों के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई, तो सोमवार को उन्हें घर भेज दिया गया


सूखा सिंह के 86 वर्षीय रिश्तेदार तारा सिंह छाबरा का अस्पताल में इलाज चल रहा है


मुंबई
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों (Coronavirus infected Patients) की संख्या में लगातार तेजी आ रही है। वहीं अच्छी बात यह भी है कि लोग ठीक हो कर घर भी जा रहे हैं। इसके बावजूद कई ऐसे बुजुर्ग मरीज (Elderly patient) हैं जो अधिक आयु वर्ग के होने के बावजूद कोरोना को मात दे रहे हैं। वहीं कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच 103 साल के सूखा सिंह छाबरा कोरोना को मात देकर अपने घर लौट आए है। 24 दिनों तक आईसीयू में रह कर कोरोना को हराने वाले सूखा सिंह देश के सबसे उम्रदराज मरीज है।
दरअसल छाबरा परिवार के 6 सदस्य रोग के चपेट में आए थे, जिनमें से 5 ठीक को घर लौट चुके हैं। सूखा सिंह के 86 वर्षीय रिश्तेदार तारा सिंह छाबरा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें भी दो दिनों में घर भेज दिया जाएगा। बता दें कि देश में संक्रमित होने वालों में सर्वाधिक मरीज 50 साल या उससे अधिक आयु वर्ग के लोग हैं। भारत में इस समय सबसे ज्यादा मौतें भी 50 साल या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की हो रही हैं।

24 दिन बाद रिपोर्ट आई निगेटिव

कोरोना पॉजिटिव, बुखार और सांस लेने में तकलीफ की वजह से सूखा सिंह को 2 जून को ठाणे के कौशल्या अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉ. अमित लाला खोमाने के अनुसार, मरीज की उम्र देखकर उन्हें आईसीयू में ले जाया गया। इलाज और इच्छाशक्ति से उनकी सेहत में कुछ दिनों में ही सुधार होने लगा था। उन्हें 14 दिन बाद वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सांस लेने में तकलीफ होने पर दोबारा आईसीयू में रखना पड़ा। आखिर 24 दिनों के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई, तो सोमवार को उन्हें घर भेज दिया गया।

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