13 सालों से शरीर में धंसी गोली के साथ ड्यूटी पर एसएसपी, 100 आतंकी किए ढेर

एसएसपी युगल मिन्हास पिछले 13 सालों से शरीर में गोली लेकर ड्यूटी कर रहे हैं। 13 साल पहले पुंछ में बतौर एसडीपीओ तैनाती के दौरान आतंकी हमला हुआ था। इलाज के दौरान उनकी जान बच गई, लेकिन एक गोली पसली में ही रह गई।


एसएसपी युगल मन्हास

   




एसएसपी युगल मन्हास इन दिनों आईआरपी की छठी बटालियन श्रीनगर में तैनात है


पिछले 13 सालों से शरीर में गोली लेकर ड्यूटी कर रहे, ढेर कर चुके हैं 100 आतंकी


घाटी में आतंक के खिलाफ मोर्चे पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए युगल एक मिसाल हैं


युगल मिन्हास एसएसपी राजौरी और किश्तवाड़ तैनात रह चुके हैं, ऑपरेशन लीड किया


एसएसपी युगल मन्हास इन दिनों आईआरपी की छठी बटालियन श्रीनगर में तैनात है। उन्हें आम ड्यूटी करना पसंद नहीं है। वह आतंकियों के खिलाफ आपरेशनों में काम करना पसंद करते हैं। पिछले 13 सालों से शरीर में गोली लेकर ड्यूटी कर रहे हैं। घाटी में आतंक के खिलाफ मोर्चे पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए वह एक मिसाल हैं।

युगल मिन्हास पर 13 साल पहले पुंछ में बतौर एसडीपीओ तैनाती के दौरान आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने उहें निशाना बनाकर हमला किया था। हमले में उन्हें कई गोलियां लगी थीं। युगल को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया। यहां उनकी जान बच गई, लेकिन एक गोली पसली में ही रह गई। डॉक्टरों का कहना था कि अगर उनकी गोली निकाली जाती तो जान जा सकती थी। इसलिए गोली को शरीर के अंदर ही रहने देने का फैसला लिया गया। अब जब दर्द ज्यादा होता है तो दवा खा लेते हैं, लेकिन छुट्टी नहीं लेते।
युगल मिन्हास एसएसपी राजौरी और किश्तवाड़ तैनात रह चुके हैं। यहां पर तैनात रहते हुए भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन को लीड किया और कइयों को मार गिराया है। युगल मन्हास आज तक 100 से ज्यादा आतंकियों को मार चुके हैं जिसके लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल, पुलिस मेडल समेत कई मेडलों से नवाजा जा चुका है।

मन्हास ने कहा, दर्द होता है तो दवा खा लेते हैं
वह आतंकियों के खात्मे के लिए बनाए गए एसओजी ग्रुप में काफी समय तैनात रहे हैं। इसके अलावा सीएम की सुरक्षा में लंबे समय तक तैनात रह चुके हैं। मन्हास पुलिस विभाग में बतौर डीएसपी भर्ती हुए थे। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशनों में काम करने पर उन्हें ऑपरेशन प्रमोशन भी मिले हैं। मन्हास ने बात करते हुए बताया कि उन्हें कई बार दर्द होता है जिसे सहन करना मुश्किल होता है। लेकिन वह दर्द की दवा खाकर अपना काम शुरू कर देते हैं।

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