राइट टू बिजनेस रूल्स, 2020 को मंज़ूरी, MSME के लिए बदले नियम



छुट्टी वाले दिनों के दौरान कर्मचारियों की तैनाती सम्बन्धी नोटिफिकेशन वापस

चंडीगढ़। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर रेगुलेटरी बोझ को कम करने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 की शर्त विधान के अंतर्गत पंजाब बिजनेस रूल्स, 2020 को मंज़ूरी दे दी है। इससे राज्य में एम.एस.एम.ई. की स्थापना में तेज़ी लाने के लिए रास्ता साफ हो गया है। काबिलेगौर है कि पंजाब राइट टू बिजनस एक्ट, 2020 के शर्त विधान के अंतर्गत बनाऐ गए पंजाब राइट टू बिजनस रूल्स, 2020 को पंजाब विधान सभा की तरफ से 17 जनवरी, 2020 को मंजूरी देने के बाद 6 फरवरी, 2020 को नोटीफायी किया गया था।

जि़ला स्तरीय नोडल एजेंसी को अधिकार
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रिमंडल की मीटिंग में नयी एमएसएमयी इकाइयाँ स्थापित करने सम्बन्धी मंज़ूरियों की प्रक्रिया को आसान बनाने के मद्देनजऱ नियमों के नोटिफिकेशन को मंज़ूरी दे दी गई है। बिल्डिंग प्लान, कम्पलीशन सर्टिफिकेट, ट्रेड लायसेंस की रजिस्ट्रेशन, लैंड यूज चेंज, फायर डिपार्टमेंट से एनओसी, फैक्ट्री बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी (जोखिम प्रक्रिया वाले उद्योगों को छोड़कर) और दुकान या संस्था की रजिस्ट्रेशन से सम्बन्धित मंज़ूरी /प्रवानगियां नये नियमों के अंतर्गत डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली जि़ला स्तरीय नोडल एजेंसी द्वारा दी जाएंगी।

तीन दिन के अंदर प्रमाणपत्र
मंज़ूरशुदा औद्योगिक पार्क में स्थापित की जा रही इकाईयों के लिए सैद्धांतिक मंजूरी सम्बन्धी सर्टिफिकेट आवेदक के द्वारा स्व-घोषणा जमा करवाने के बाद तीन दिनों के अंदर जारी किया जायेगा। औद्योगिक पार्क के बाहर के क्षेत्रों के लिए सैद्धांतिक मंजूरी सम्बन्धी सर्टिफिकेट 15 दिनों के अंदर जारी किया जायेगा। उक्त सर्टिफिकेट साढ़े तीन साल के समय के लिए वैलिड होगा और सम्बन्धित इकाई नियमित प्रवानगियों के लिए तीन साल के समय से पहले इनवैस्ट पंजाब बिजऩस फस्ट पोर्टल पर सैद्धांतिक मंजूरी सम्बन्धी सर्टिफिकेट जारी होने की तारीख़ से लागू करेगी।
ओद्योयोगिक रोजग़ार (स्टैंडिंग आर्डर्स) एक्ट, 1946 का नोटिफिकेशन वापस
मंत्रीमंडल ने एक अन्य फ़ैसले में पंजाब में सभी एमएसएमई औद्योगिक इकाईयों को स्टैंडिंग आर्डर्स की लाजि़मी सर्टीफिकेशन और निरंतर प्रक्रिया में लगी औद्योगिक इकाईयों को अपने कर्मचारियों को छुट्टी वाले दिनों के दौरान तैनात करने से छूट देते हुये औद्योगिक रोजग़ार (स्टैंडिंग आर्डरज़) एक्ट, 1946 के अंतर्गत नोटीफिकेशन वापस लेने को मंज़ूरी दे दी है। औद्योगिक रोजग़ार (स्टैंडिंग आरडर्स) एक्ट, 1946 के शर्त विधान अनुसार मालिक अगर 20 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखते हैं तो उनको स्टैंडिक आर्डर प्रमाणित करवाने होंगे। मालिक पर पालना का बोझ घटाने के लिए 20 मज़दूरों की इस सीमा को 100 मज़दूरों तक बढ़ा दिया गया है जैसे कि औद्योगिक रोजग़ार (स्टैंडिंग आर्डर्स) एक्ट, 1946 में कल्पना की गई थी। स्टैंडिंग आर्डर्स की सर्टीफिकेशन की ज़रूरत को ख़त्म कर दिया गया है और उन पर मॉडल स्टैंडिंग आर्डर लागू किये गए हैं।

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