राजस्थान में 240 करोड़ से महिलाओं को मिलेगा रोजगार, 15 लाख परिवारों को होगा फायदा



सीकर. कोरोनाकाल में स्वावलम्बन को अपनाने वाली प्रदेश की महिलाओं के अरमान अब जल्द पूरे होंगे। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के पहले चरण में आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत जून से सितम्बर महीने तक प्रदेश के 22 जिलों में 30 हजार से अधिक समूहों को 240 करोड़ का लोन बांटा जएगा। वहीं कोरोना की वजह से बेरोजगार हुए परिवारों को आर्थिक सम्बल देने के लिए प्रदेश में 60 हजार से अधिक नए स्वयं सहायता समूह गठित होंगे। जिसका फायदा 15 लाख परिवारों को होगा। इसके लिए मुख्यालय ने सभी जिलों को लक्ष्य आवंटित कर दिया है।

एक से आठ लाख रुपए तक का लोन

पुराने वित्तीय लेनदेन सहित अन्य मापदंडों के आधार पर 22 जिलों में पुराने समूहों की संख्या तय की गई है। इन समूहों को एक से आठ लाख रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस राशि से समूह के सदस्य नए रोजगार शुरू कर सकते हैं।

जिलों को नए ट्रेड का अधिकार

बेरोजगारों के रुझान को देखते हुए राजीविका की ओर से नए प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि जो समूह नए ट्रेड के लिए आवेदन कर रहे हैं उसकी सूचना दी जाए ताकि वह ट्रेड शुरू कराया जा सके। फिलहाल समूहों की ओर अचार, सिलाई, पापड़-मंगोड़ी सहित अन्य लद्यु उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। कई समूहों ने चाय पैकिंग के जरिए भी रोजगार हासिल किया है।

अगले सप्ताह से लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन

बैंकों के जरिए लोन लेने वाले स्वंय सहायता समूहों को अगले सप्ताह से बड़ी राहत मिलेगी। अब समूह की ओर से ऑनलाइन आवेदन भी किए जा सकेंगे। इसके जरिए बैंक के उच्च अधिकारियों के साथ समूह की सदस्यों को फाइल का स्टेटस पता लग सकेगा। यदि कोई बैंक आवेदन का तय समय में निपटारा नहीं करता है तो दूसरी बैंक भी ओपन मार्केट योजना के तहत लोन दे सकती है।

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