मां लगा रही थी फांसी, 3 साल की बच्ची के रोने की आवाज से बची जान

नवी मुंबई के उल्वे में एक महिला ने बेडरूम में फांसी लगा ली। वह उस समय फ्लैट में अपनी तीन साल की बच्ची के साथ थी। महिला के फांसी लगाने के बाद उसकी तीन साल की बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। उसके रोने की आवाज से मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और महिला की जान बचा ली गई।


सांकेतिक चित्र

   


मुंबई में तीन साल की बच्ची की मां ने फांसी लगा ली थी, तभी मासूम जोर-जोर से रोने लगी


बंद घर से बच्ची के रोने की आवाज से मोहल्ले वाले सतर्क हो गए और पुलिस को सूचना दी


समय रहते बच्ची की मां को फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जान बची


मुंबई
तीन साल की एक बच्ची ने अपनी मां की जान बचा ली। बच्ची की मां ने फांसी लगा ली थी, तभी मासूम जोर-जोर से रोने लगी। बंद घर से बच्ची के रोने की आवाज से मोहल्ले वाले सतर्क हो गए और उन्होंने पुलिस और फायर बिग्रेड को सूचना दी। समय रहते बच्ची की मां को फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया। यह घटना नवी मुंबई की है।
गुरुवार की देर रात 9 बजे नवी मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में कुछ लोगों ने फोन करके एक फ्लैट से बच्चे की रोने की आवाज आने की सूचना दी। कंट्रोल रूम से सूचना एनआरआई सागरी थाने में सूचना दी गई। एसआई माधव इंगले, कॉन्स्टेबल स्वर और कवाथे के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने फायर बिग्रेड को सूचना दी। फायर बिग्रेड के साथ तीन लोग मौके पर पहुंचे।

लिविंग रूम में हो रही थी बच्ची

पुलिस ने बताया कि फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। उन लोगों को लगा कि शायद बच्ची घर में अकेली है और उसे चोट लग गई है। उन लोगों ने दरवाजा तोड़ा। एक बच्ची लिविंग रूम में लेटी तेज आवाज में रो रही थी। उन लोगों ने उसे उठाया लेकिन बच्ची बेडरूम की तरफ लगातार देखकर जोर-जोर से रोती रही।

बच्ची ने बेडरूम की तरफ किया इशारा
बच्ची ने बेडरूम की तरफ इशारा किया तो पुलिसवालों को कुछ गड़बड़ लगी। उन लोगों ने बेडरूम के दरवाजे के धक्का दिया तो वह अंदर से बंद थी। फिर बेडरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो पाया कि पंखे से एक महिला लटकी थी। महिला का शरीर फांसी के फंदे से अलग किया गया तो उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम ने जल्दी से महिला को अस्पताल पहुंचाया।

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