59 चाइनीज Apps पर प्रतिबंध लगने से इतने हजार कर्मचारियों की जाएगी नौकरी!

इन चाइनीज ऐप्स (Chinese Apps) की अधिकतर कंपनियों में 10 से 12 भारतीय ही काम करते हैं, लेकिन 10 से 15 कंपनियां ऐसी हैं जिसमें 400 से 500 लोग काम करते हैं. टिकटॉक (TikTok Apps), शेयरइट, यूसी ब्राउजर (UC Browser), हेलो, बिगो लाइव, से​ल्फीसिटी, मेल मास्टर, पैरेलल स्पेस, Mi Video Call -Xiaomi, और WeSync जैसे ऐप्स भारत में काफी लोकप्रिय हैं.


केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद इन 59 कंपनियों में काम करने वाले कई हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे.(file photo)



नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने 59 चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध (59 Chinese Apps Banned) लगा दिया है. केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद इन 59 कंपनियों में काम करने वाले कई हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे. एक अनुमान के मुताबिक लगभग 10 से 12 हजार लोग इन 59 कंपनियों में काम कर रहे हैं. केंद्र सरकार का यह निर्णय भारत-चीन सीमा विवाद के बाद लिया गया है. आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा है कि हमें कई रिप्रजेंटेशन्स के जरिए इन ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी गई थी. ये ऐप्स डाटा सिक्युरिटी और प्राइवेसी के लिए खतरनाक थे. इसी के बाद सरकार ने इन ऐप्स को ब्लॉक करने का निर्णय लिया है.

हजारों लोगों की जाएगी नौकरी!

बता दें कि इन 59 चाइनीज ऐप्स के अधिकतर कंपनियों में तो 10 से 12 लोग ही काम करते हैं, लेकिन 10 से 15 कंपनियां ऐसी हैं, जिसमें 400 से 500 लोग काम करते हैं. बंद किए गए एप्स में टिकटॉक (TikTok Apps), शेयरइट, यूसी ब्राउजर (UC Browser), हेलो, बिगो लाइव, से​ल्फीसिटी, मेल मास्टर, पैरेलल स्पेस, Mi Video Call -Xiaomi, और WeSync जैसे ऐप्स शामिल हैं, जो भारत में काफी लोकप्रिय हैं.

चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध पर अब प्रतिक्रियाएं भी आने लगी है. केंद्र सरकार के इस निर्णय को कई संगठनों ने स्वागत किया है. स्‍वदेशी जागरण मंच ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि मोदी सरकार का यह निर्णय एक बेहतर भारत के लिए अच्छा है. वहीं कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है. कैट ने कहा है कि चीनी सामान के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान के लिए भी बहुत बड़ा समर्थन है. प्रधानमंत्री मोदी इस साहसिक निर्णय के लिए बधाई के पात्र हैं. देश के 7 करोड़ व्यापारी सरकार का पुरजोर समर्थन करते हैं और अब और अधिक तेजी से कैट अपने अभियान को देश के कोने-कोने में ले जाएगा.

कई लोग हो जाएंगे बेरोजगार

गौरतलब है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कुछ दिन पहले ही इन चाइनीज ऐप्स को देश के लिए खतरा बता चुकी थी. एजेंसियों ने केंद्र सरकार से अपील की थी इनको बैन किया जाए या फिर लोगों को कहा जाए कि इनको तुरंत अपने मोबाइल से हटा लें. इसके पीछे दलील यह दी गई थी कि चाइनीज भारतीय डेटा हैक कर सकते हैं. भारत-चीन ताजा विवाद ने आग में घी डालने का काम किया और केंद्र सरकार को यह निर्णय लेना ही पड़ा.

सोमवार को ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक हुई थी. बैठक के कुछ ही देर बाद इन चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया.

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