कहीं मुश्किल में तो नहीं फंसेंगे केएल राहुल, रवींद्र जडेजा समेत ये 5 क्रिकेटर



रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा मुश्किल में फंस सकते हैं. दरअसल, ये सभी क्रिकेटर्स नेशनल रजिस्टर टेस्टिंग पूल के 110 खिलाड़ियों में शामिल हैं. इन सभी खिलाड़ियों को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने नोटिस जारी किया है. ये सभी खिलाड़ी ‘व्हेयरअबाउट’ बताने में नाकाम रहे हैं.

‘व्हेयरअबाउट’ का आशय ये होता है कि खिलाड़ी को एंटी डोपिंग एजेंसी को बताना होता है कि वो एक तय समय सीमा के दौरान कहां था. हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस देरी के लिए ‘पासवर्ड’ की गड़बड़ी बताई है. इस बारे में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के डायरेक्टर जनरल ने जानकारी दी है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस मामले में अपना स्पष्टीकरण भेज दिया है.

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी का पक्ष क्या है

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि एंटी डोपिंग एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर में ‘व्हेयरअबाउट’ की जानकारी देने के दो तरीके होते हैं. या तो खिलाड़ी खुद इस जानकारी को मुहैया करते हैं या फिर उनकी जगह संबंधित एसोसिएशन ये जानकारी मुहैया कराता है. चूंकि कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें इंटरनेट और ऐसी दूसरी तकनीकी की जानकारी नहीं होती है. ऐसे खिलाड़ियों की मदद उनकी एसोसिएशन करती है. कई बार क्रिकेट खिलाड़ी भी इस प्रक्रिया को पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं. ऐसे में BCCI ने ये जानकारी मुहैया कराने की जिम्मेदारी ली है.

BCCI ने अपनी सफाई में क्या कहा?

BCCI ने अपनी सफाई में कहा है कि एंटी डोपिंग एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर पासवर्ड के साथ कुछ तकनीकी दिक्कत आने की वजह से ये जानकारी वो मुहैया नहीं करा पाए. NADA के अधिकारी नवीन अग्रवाल ने कहा कि BCCI की सफाई ‘रीजनेबल’ लग रही है. लेकिन अभी उस पर कोई फैसला नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि इस बारे में NADA विचार विमर्श करेगी कि क्या BCCI को छूट मिलनी चाहिए या नहीं. नियमों के मुताबिक लॉकडाउन में तीन महीने के ‘व्हेयरअबाउट’ की जानकारी मुहैया करानी थी. तीन बार ऐसी जानकारी को न देने की सूरत में खिलाड़ियों को दो साल के लिए सस्पेंड करने का प्रावधान भी है.

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