कोरोना से पहले महीने के 6 लाख रुपए कमाता था पायलट, अब बना डिलीवरी बॉय



कोरोना वायरस के संक्रमण को थामने के लिए बहुत से देशों ने लॉकडाउन को अपनाया। इसके कारण लोगों का बाहर खाना, ट्रेवल करना, शॉपिंग करना आदि बंद कर हो गया और बहुत से बिजनेस ठप्प हो गए। बेरोजगारों की संख्या बढ़ने लगी। एविएशन सेक्टर भी मंदा चल रहा है। कई कर्मिशियल पायलट बेरोजगार हैं। लेकिन कहते हैं ना, चाहे कुछ हो जाए- शो मस्ट गो ऑन! इसलिए तो लोग परिवार का पेट पालने के लिए कुछ ना कुछ कर रहे हैं। जैसे थाईलैंड के इस पायलट को ही देख लीजिए, जो कभी नीले आसमान में उड़ाता था लेकिन आज डिलीवरी बॉय बनकर घर-घर सामान पहुंचा रहा है।

42 वर्षीय को-पायलट Nakarin Inta पिछले 4 वर्षों से कमर्शियल पायलट के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन कोरोना संकट ने उन्हें एक पायलट से फूड डिलीवरी बॉय बना दिया है। ‘सीएनएन ट्रेवल‘ से उन्होंने कहा, ‘एयरलाइंस ने अपने अधिकतर कर्मचारियों को बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया है। हालांकि, जिन कर्मचारियों को सैलरी दी जा रही है वो ना के बराबर है। और हां, कईयों को नौकरी से भी निकाला गया है।’

वो आगे बताते हैं, ‘इस मुश्किल वक्त में मेरे बहुत से साथी साइड जॉब्स कर रहे हैं। सबको काम पर लौटने का इंतजार है। इनमें से कई ऐसे भी हैं जिन्हें नौकरी से नहीं निकाला गया है। लेकिन उन्हें जरूरी उड़ान के ही पैसे दिए जा रहे हैं।’ उन्होंने मीडिया से कहा कि एक पायलट के तौर पर वो महीने के 4 से 6 लाख रुपये कमा लेते थे। लेकिन कोरोना संकट के दौरान उनके लिए 2 हजार रुपये कमाना भी बड़ी बात है।

वो कहते हैं, ‘मैं अपने साथियों, कप्तान, केबिन क्रू, डिस्पैचर और अन्य कर्मचारियों को काफी याद करता हूं। और हां, जब यादों का यह इमोशन मुझ पर हावी होता है तो मैं आसमान में उड़ते किसी जहाज को देखने लगता हूं।’

अब एक डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करने वाले Nakarin बताते हैं, ‘जब मुझे पहली बार ऑर्डर मिला और मैंने उसे कस्टमर तक पहुंचाया तो वह अनुभव काफी अलग सा था। उस वक्त मुझे लगा कि हां मैं ये काम कर सकता हूं।’ हालांकि, उन्हें इंतजार है फिर से आसमान में उड़ने का। क्योंकि पायलट बनना उनका बचपन का सपना जो था।

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