सिक्युरिटी गार्ड ने 90 साल की बुजुर्ग को पति के सामने मारकर घर लूटा

राजधानी के संफदरजंग एन्क्वेव में 90 साल की बुजुर्ग महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस को पता चला कि घर के सिक्युरिटी गार्ड ने ही साथियों संग लूट के दौरान वारदात को अंजाम दिया। महिला के पति को दूसरे कमरे में बंद किया गया था।


लूट के लिए बुजुर्ग की हत्या

   


15 दिन पहले काम पर रखे गए गार्ड ने की बुजुर्ग महिला की हत्या


महिला के पति को मरा समझकर छोड़कर नेपाल भागे आरोपी


घर में जेवर और नकदी देख गार्ड ने बनाई थी हत्या की योजना


बुजुर्ग दंपती ने गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया था


वेरिफिकेशन न होने से पुलिस के पास आरोपी की जानकारी नहीं थी

नगर संवाददाता
सफदरजंग एन्क्लेव इलाके में बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस को पता चला कि जिस गार्ड पर हत्या का आरोप है, उसे महज 15 दिन पहले ही नौकरी पर रखा गया था। घर में एक मेड भी है, जो कि सिर्फ खाना बनाने के लिए आती थी और साफ सफाई करके चली जाती थी। उसी की सिफारिश पर गार्ड को नौकरी दी गई थी। सोसाइटी के बाकी गार्ड उसे नहीं जानते थे। यहां तक कि सोसायटी के गार्ड को उसका नाम तक नहीं पता था, क्योंकि वह हमेशा घर मे ही रहता था। सोसायटी के गार्ड से वह बातचीत नहीं करता था। नई-नई नौकरी होने के कारण ही गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हो पाया था। इस वजह से जांच के लिए पुलिस के पास उससे जुड़ी जानकारियां भी नहीं मिल पा रहीं थी।
सोसायटी के गार्ड जितेंद्र गौड़ ने बताया कि बलराम चावला के घर पर एक नेपाली महिला घर का काम करती थी। उसी की सिफारिश पर इस गार्ड को नौकरी पर रखा गया था। उन्होंने बताया कि रात में करीब 9 बजे वह ड्यूटी पर आए, जिसके कुछ ही मिनट में उनके पास बलराम चावला की बिल्डिंग से फोन आया। उसी बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर मनोज सिन्हा नाम के शख्स रहते हैं, जिन्होंने फोन करके बताया कि चावला जी के घर से शोर आ रहा है, जाकर देखो की क्या हुआ?

इसके बाद वह तुरंत वहां पहुंचे तो देखा कि बलराम चावला कमरे में बैठे हुए हैं, जबकि उनके पास ही कांता का शव पड़ा हुआ है। उन्होंने बलराम चावला ने कहा कि आंटी को उठाकर बेड पर लिटा दो। इसके बाद उनके साथ कोई बातचीत नहीं हुई। इसके बाद आनन फानन में पुलिस तक सूचना पहुंचाई गई। गार्ड ने बताया कि घर मे कौन आ जा रहा है, ये देखने का काम भी घर वाले गार्ड का था, जिससे ये भी नहीं पता चल सका कि उनके घर कौन-कौन मिलने आता था। उन्होंने बताया कि कांता चावल की गर्दन पर चोट के निशान थे, जबकि जो सूट उन्होंने पहना था, वो भी पूरा खून से भीगा था। कुछ कट के निशान हाथ पर भी थे। वहीं, पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चल सकेगा कि उनको कितने घाव लगे हैं।

अमेरिका में रहता है परिवार, घर में अकेले थे दंपती

सफदरजंग एन्क्लेव के उस फ्लैट में बुजुर्ग दंपती अकेले रहते थे, जबकि देखरेख के लिए मेड आती जाती थी। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष वीके मल्होत्रा ने बताया कि बलराम चावला के दो बेटों का पूरा परिवार अमेरिका में रहता है। इस फ्लैट में सिर्फ दोनों दंपती रहते थे। ज्यादा किसी का आना जाना भी नहीं होता था। ज्यादातर वो घर मे ही रहते थे, लेकिन कभी कभी बाहर टहलने निकलते थे। हालांकि वो दोनों बिल्कुल स्वस्थ थे और उनको इस उम्र में भी चलने फिरने की कोई तकलीफ नहीं थी।

पिछले साल ही हुई थी बेटे की मौत
वीके मल्होत्रा ने बताया कि हालांकि बलराम चावला के दोनों बेटों की मौत हो चुकी है। एक बेटे की तो अभी पिछले साल ही मौत हुई थी। हालांकि अमेरिका में उनका परिवार होने के कारण उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इतना जरूर पता चला है कि एक बेटे की मौत कैंसर से हुई थी। उन्होंने बताया कि पत्नी की मौत के बाद रात में ही बलराम चावला को उनके रिश्तेदार अपने साथ ले गए, क्योंकि इस उम्र में उनको देखभाल की भी जरूरत थी।

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