इस शहर से अपने मायके आई बेटी, पिता के साथ पूरे परिवार को बांट दिया कोरोना, अब पड़ोसी चिंता में

शिवपुरी. शिवपुरी शहर के कमलागंज क्षेत्र में रहने वाले परिवार के एक सदस्य रविवार को कोरोना पॉजीटिव निकले और जब पूरे परिवार की जांच जिला अस्पताल की ट्रूलेप मशीन से की गई, तो छह और सदस्य भी पॉजीटिव निकल आए। पूरे परिवार को कोरोना बांटने वाली बेटी भोपाल से आई और बिना जांच कराए जब मायके में रही तो उसने न केवल परिवार के सदस्यों को संक्रमण बांट दिया, बल्कि उसके दो बच्चे भी पॉजीटिव निकले। इस तरह एक ही परिवार के सात सदस्य कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा चैलेंज परिवार के सदस्यों के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश है। सीएमएचओ का कहना है कि एक जरा सी लापरवाही पूरे परिवार के लिए परेशानी बन गई।

गौरतलब है कि शहर के कमलागंज एरिया में रहने वाले एक उम्रदराज शख्स की तबियत खराब होने पर जब उनका सैंपल भेजा गया, तो वे पॉजीटिव निकले। बिना ट्रेवल हिस्ट्री के पॉजीटिव मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमा भी सकते में आ गया, लेकिन जब पूछताछ की तो पता चला कि पॉजीटिव मिले शख्स की बेटी बीते 12 जून को भोपाल से अपने मायके शिवपुरी आई थी और वो बिना सैंपल या जांच के अपने परिवार के साथ रह रही थी। चूंकि भोपाल में कोरोना वायरस अधिक इफेक्टिव है, इसलिए स्वास्थ्य महकमे ने बिना देर किए जिला अस्पताल की ट्रूलेप मशीन से परिवर के सदस्यों की जांच करवाई। जांच में परिवार के छह और सदस्य भी कोरोना पॉजीटिव निकले, जिसमें भोपाल से आई उनकी बेटी के अलावा उसके दोनों बच्चे, माँ, भाई व भाभी शामिल हैं। इस तरह एक ही परिवार के सात सदस्य कोरोना पॉजीटिव मिलने से उनके आस-पड़ोस में रहने वाले लोग भी आशंकित हैं, क्योकि जब तक पहला सदस्य पॉजीटिव नहीं आया था, तब तक तो परिवार के सभी सदस्य आस-पड़ोस वालों से मिलने, बातचीत करने के अलावा बाजार भी आते-जाते रहे।

जरा सी लापरवाही पड़ी भारी

ज्ञात रहे कि कोरोना के शुरुआती दौर में जो भी पॉजीटिव मरीज मिले थे, उनके साथ रहने वाले या मिलने-जुलने वालों की रिपोर्ट नेगेटिव आती थी। लेकिन करैरा के बाद शिवपुरी जिले में यह तीसरा मामला है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति ने दूसरे को संक्रमित किया है। इस बार तो एक ही परिवार के सात सदस्य पॉजीटिव मिलने से अब शहर में खतरा अधिक बढ़़ गया है। इसमें कोरोना को हल्के में लेकर बिना जांच के घर में रहने की छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार के लिए परेशानी का सबब बन गई। यह शहर के लिए खतरे का संकेत और उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो रेड जोन या अधिक संक्रमित क्षेत्रों से आने के बाद गुपचुप अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। यदि भोपाल से शिवपुरी मायके आई महिला अपनी जांच करवा लेती तो पूरा परिवार इस संक्रमण से बच सकता था।

स्वास्थ्य विभाग के लिए अब यह चैलेंज

भोपाल में जो कोरोना वायरस लोगों को बीमार कर रहा है, वो अधिक इफेक्टिव है। चूंकि इस परिवार में भोपाल से आई बेटी के साथ रहने के अलावा वे सामान्य तौर पर आसपड़ौस में व बाजार आदि आते-जाते रहे तथा अपने नजदीकियों से भी मेल-मुलाकात की। अब चूंकि पूरा परिवार ही संक्रमित हो गया तो अब स्वास्थ्य विभाग के लिए परिवार के सदस्यों के संपर्क में आए लोगों को चिन्हित करना एक बड़ा चैलेंज हो गया। क्योंकि बेटी 12 जून को आई थी और इन दस दिनों में वे कई लोगों से मिले होंगे।

बोले सीएमएचओ: पूरा परिवार हुआ संक्रमित

रविवार की शाम एक सदस्य की पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद जब हमने जांच की तो पता चला कि उनकी बेटी भोपाल से आई थी, जिसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी और न जांच करवाई। इसलिए हमने पूरे परिवार की जिला अस्पताल में लगी ट्रूलेप मशीन से जांच करवाई तो छह अन्य सदस्य भी पॉजीटिव मिले हैं। अब संपर्क में आए लोगों की तलाश कर रहे हैं।

डॉ. एएल शर्मा, सीएमएचओ शिवपुरी


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