शंकर सिंह वाघेला ने छोड़ा एनसीपी का दामन, पत्र में बताई इस्तीफे की वजह

शंकर सिंह वाघेला (Shankarsinh Vaghela Resignation) को वर्ष 2019 में शरद पवार और प्रफुल पटेल ने एनसीपी जॉइन कराई थी। अब राजनीतिक दांव से नाराज चल रहे वाघेला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।


शंकर सिंह वाघेला ने दिया इस्तीफा

   


शंकर सिंह वाघेला ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा, शरद पवार को 'भावुक' पत्र


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य भी रहे हैं शंकर सिंह वाघेला, बीजेपी से भी था नाता


गुजरात एनसीपी चीफ पद पर जयंत पटेल की नियुक्ति की वजह से नाराज हो गए थे वाघेला


1995 में केशुभाई पटेल को सीएम की कुर्सी देने पर भी नाराज हो गए थे शंकर सिंह वाघेला


अहमदाबाद
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय महासचिव पद से शंकर सिंह वाघेला (Shankersinh Vaghela) ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है। इस बात की जानकारी देते हुए उन्होंने एनसीपी के मुखिया शरद पवार को एक पत्र लिखा है। वाघेला गुजरात में एनसीपी चीफ के पद पर जयंत पटेल उर्फ बोस्की की नियुक्ति की वजह से नाराज चल रहे थे। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सक्रिय सदस्य रहे शंकर सिंह वाघेला भारतीय जनता पार्टी (BJP) में भी कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 1995 में जब केशुभाई को सीएम की कुर्सी दे दी गई थी तो वाघेला ने विद्रोह कर दिया था। बाद में वाघेला के करीबी को मुख्यमंत्री की कुर्सी दी गई थी। 1996 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद शंकर सिंह वाघेला ने बीजेपी छोड़ दी थी।

वाघेला ने लिखा यह पत्र

अपने पत्र में शंकर सिंह वाघेला ने लिखा है, 'मैं इस बात के लिए आभार व्यक्त करता हूं कि आप (शरद पवार) प्रफुलभाई पटेल के साथ अहमदाबाद आए थे और मुझे वर्ष 2019 में एनसीपी जॉइन कराई थी। इसके साथ ही आपने मुझ पर विश्वास रखते हुए एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। फिर मुझे गुजरात में एनसीपी को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष का पद भी दिया गया।'

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