भारत-चीन के रिश्तों को पटरी पर लाएगा रूस? रखी विदेश मंत्रियों की बैठक, आज कमांडर स्तर की बातचीत भी जारी

चीन और भारत के बीच रिश्तों (india china latest news) को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज। आज लद्दाख में चीनी इलाके मोलडो में सैन्य दल के कमांडर लेवल स्तर की मीटिंग हो रही है। वहीं मंगलवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की रूस से त्रिपक्षीय बातचीत होगी।


एस जयशंकर चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ (फाइल फोटो)

   


नई दिल्ली
गलवान घाटी झड़प के बाद भारत और चीन के बीच बिगड़े रिश्ते को पटरी पर लाने की कोशिशें दोनों देशों के साथ दूसरे मुल्कों ने भी शुरू कर दी हैं। अब रूस मंगलवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ त्रिपक्षीय बातचीत करेगा। दूसरी तरफ आज भारत और चीन के बीच भी कमांडर लेवल की बातचीत शुरू हो चुकी है।

मोलडो में बात कर रहे भारत-चीन
भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में झड़प के बाद बातचीत का सिलसिला फिर शुरू हो चुका है। अब सोमवार को सैन्य दल के कमांडर लेवल स्तर की मीटिंग हो रही है। यह मीटिंग लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन की तरफ मोलडो में हो रही है।

कमांडर स्तर की यह दूसरी बातचीत है। ऐसी बातचीत 6 जून को भी हो चुकी है। तब चीन पीछे हटने को तैयार भी हुई था। खबर है कि चीन ने अपने इलाकों की पिछली पोस्ट पर करीब 10 हजार सैनिक जमा कर लिए हैं। इस बीच भारत चीन को नियमों में बदलाव के बारे में भी बताने वाला है। कि अगर अब झड़प हुई तो भारतीय सेना हथियार चलाने से नहीं चूकेगी।

रूस ने रखी विदेश मंत्रियों की बातचीत
इस बीच रूस ने भी दोनों देशों (भारत और चीन) के विदेश मंत्रियों के साथ त्रिपक्षीय बातचीत की पहल की है। इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक, यह बातचीत 23 जून यानी मंगलवार को दोपहर 1.30 बजे करीब होगी। मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी। यह बातचीत उस वक्त हो रही है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद रूस गए हुए हैं। वह वहां रूस में 24 जून को होनेवाली विक्ट्री डे परेड के लिए वहां गए हैं। वहां भी चीन के अधिकारी मौजूद होंगे।

एलएसी पर हालात सामान्य करने के लिए भारत की तरफ से पिछले महीने से कोशिशें जारी हैं। चीन इस वजह से चिढ़ा हुआ है क्योंकि भारत ने बॉर्डर पर अपनी तरफ सड़क निर्माण कार्य तेज किया हुआ है। इसी बीच 15 जून को गलवान घाटी में झड़प ने हिंसक रूप ले लिया था। वहां चीन ने धोखे से किए हमला किया था जिसमें कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू के साथ 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी कई जवान मारे गए, लेकिन उसने आंकड़ा ही नहीं दिया।


Post a Comment

0 Comments