जब चीफ जस्टिस के घर को देखकर सॉलिसिटर जनरल ने कहा पुराना है यही तो खूबसूरती है

कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए देश में ऑनलाइन वर्क प्रणाली का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई भी इसी पद्धति के तहत हो रही है। सुप्रीम कोर्ट की डिजिटल कार्रवाई के दौरान कुछ हल्के-फुल्के वाकये भी हो रहे हैं, जो सामान्य कोर्ट की कार्रवाई के दौरान देखने को नहीं मिलते थे।


चीफ जस्टिस एसए बोबडे

   



जगन्नाथपुरी यात्रा की डिजिटल सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर और चीफ जस्टिस के बीच हुआ दिलचस्प वाकया


सॉलिसिटर जनरल ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे के सामने उनका ड्राइंग रूम देखने का प्रस्ताव रख दिया


चीफ जस्टिस बोबडे ने सॉलिसिटर जनरल को हल्की मुस्कान के साथ जवाब दिया कि ड्राइंग काफी पुराना है


नई दिल्ली
कोरोना वायरस के संकट काल से देश में ऑनलाइन और वर्क फ्रॉम होम काम करने का चलन शुरू हो गया है। इसके जरिए कोरोना वायरस के कहर से काफी हद तक बचा जा सकता है। देश की छोटी-बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के अलावा देश की सबसे बड़ी न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट भी वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के जज भी डिजिटल अदालतों के जरिए मामलों की सुनवाई कर रही है। देश के एक आम नौकरी पेशा की तरह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी वर्क फ्रॉम होम के जरिए अपने काम को बखूबी कर रहे हैं।

सोचने वाली बात यह है कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान जिस तरह देश के आम लोगों को नेट के नेटवर्क से जूझना पड़ता है, उसी तरह की परेशानी चीफ जस्टिस को भी झेलनी पड़ती होगी। अन्य ऑफिसों की तरह सुप्रीम कोर्ट की डिजिटल कार्रवाई के दौरान कुछ हल्ले-फुल्के वाकये भी सामने आते हैं, जो कोर्ट की औपचारिक सुनवाई से थोड़े अलग होते हैं।

पुराने ड्राइंग रूम की अपनी अलग खूबसूरती है

ऐसा ही वाकया सोमवार को जगन्नाथ पुरी यात्रा की सुनवाई के दौरान सामने आया है। सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस एसए बोबडे अपने नागपुर स्थित घर से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। तब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस से कहा कि आपका नागपुर स्थित घर बहुत सुंदर है। आखिरकार माई लॉर्ड हमें आपके ड्राइंग रूम को देखने का अवसर मिला। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि लेकिन घर बहुत पुराना है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि लेकिन यही तो खूबसूरती है। इस पर चीफ जस्टिस ने हंसते हुए कहा शायद। और फिर कहा धन्यवाद।

एडवोकेट साल्वे को दी गई जन्मदिन की बधाई
मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जब सभी वकील जुड़े तो ऑन स्क्रीन ही सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे को बधाई देने का सिलसिला भी चला। दरअसल, साल्वे का सोमवार को जन्मदिन भी था।

इस सुनवाई के दौरान हुआ यह खूबसूरत वाकया
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ पुरी में 23 जून को होने वाली रथयात्रा को कोरोना महामारी के कारण 18 जून को ही रोक लगा दी थी। लेकिन शीर्ष अदालत के इस फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल हो गईं और कोर्ट से अपने पूर्व के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। कोर्ट पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत सहमत हो गई। उसी के तहत सोमवार को चीफ जस्टिस एसए बोबडे के नेतृत्व में 3 जजों ने मामले की सुनवाई की। इस मामले की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस एसए बोबडे अपने नागपुर स्थित घर से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

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