आर्मी चीफ ने टॉप कमांडर्स के साथ देश की सुरक्षा को लेकर बैठक की

बीते 15 जून को गलवान में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद भारतीय सेना की हाईलेवल मीटिंगों का दौर जारी है। सोमवार को दिल्ली में आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे सेना के टॉप कमांडर्स के साथ बैठक की। जनरल नरवणे ने कमांडर्स से सुरक्षा के हालात की जानकारी मांगी है।

  


गलवान हिंसा के बाद भारतीय सेना लगातार हाईलेवल मीटिंग कर रही है


सोमवार को आर्मी चीफ ने टॉप कमांडर्स से देश की सुरक्षा के हालात की जानकारी मांगी


सेना की हाईलेवल मीटिंग मंगलवार को भी जारी रहेगी, दिल्ली में मौजूद हैं टॉप कमांडर्स


नई दिल्ली
गलवान में हिंसक झड़प के बाद हाईलेवल मीटिंगों का दौर जारी है। सोमवार को दिल्ली में आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे सेना के टॉप कमांडर्स के साथ बैठक की। जनरल नरवणे ने कमांडर्स से देश की सुरक्षा के हालात की जानकारी मांगी है। जानकारी के अनुसार, बैठक कल भी जारी रहेगी।
भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद पूर्वी लद्दाख में गतिरोध और चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति के संबंध में सोमवार को व्यापक चर्चा की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सेना प्रमुख ने कमांडर्स को समूची स्थिति से अवगत कराया
सूत्रों ने बताया कि थलसेना अध्यक्ष जनरल एम एम नरवणे ने कमांडरों को समूची स्थिति से अवगत कराया जिसके बाद मामले पर विस्तृत चर्चा हुई। साल में दो बार होने वाले कमांडर सम्मेलन का यह दूसरा चरण है। सम्मेलन का पहला चरण पिछले महीने हुआ था। गलवान घाटी की घटना के बाद सरकार ने 3,500 किलोमीटर लंबी एलएसी पर चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दे दी है।



मीटिंग के लिए दिल्ली में मौजूद हैं टॉप कमांडर्स
सेना के अधिकारियों के अनुसार, कमांडरों के दूसरे चरण की मीटिंग के लिए सभी कमांडर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हैं। उत्तरी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए 22-23 जून को सेना कमांडरों का सम्मेलन आयोजित किया गया है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन लद्दाख की गैलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद सीमा तनाव को कम करने के लिए सैन्य-स्तरीय वार्ता कर रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन कमांडरों ने लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एलएसी पर भारत की सुरक्षा तैयारियों की समग्र समीक्षा की।



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