भारत-चीन विवादः मायावती बोलीं, 'परिपक्वता के काम करे विपक्ष, सरकार पर छोड़ें क्या करना है'

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा है कि भारत-चीन विवाद के मामले में फैसला सरकार को लेना है। विपक्ष को उनके ऊपर मामला छोड़ देना चाहिए। इस समय विपक्ष को परिपक्वता के साथ काम करने की जरूरत है।


मायावती

   


लखनऊ
लद्दाख की गलवान वैली में हुई भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद पूरे देश के लोगों में गुस्सा है। कई विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। सरकार क्या करे इसे लेकर सलाह दी जा रही है। इस मामले में कांग्रेस लगातार बीजेपी की मोदी सरकार पर हमलावर हो रही है। ऐसे में मायावती ने कहा है कि यह सरकार पर छोड़ना बेहतर है कि देशहित और सीमा की रक्षा के लिए वह क्या करें।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार को सलाह दी है। विपक्ष के निशाने पर मोदी सरकार का बीएसपी चीफ मायावती ने बचाव किया है।



'परिपक्वता और एकजुटता से करना है काम'
इशारों-इशारों में कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए मायावती ने बीजेपी सरकार का पक्ष लिया है। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है, 'अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है। इसके निदान हेतु सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो।'

'चीन के साथ क्या करना है सरकार पर छोड़ें'
एकजुटता की बात कहने के अलावा मायावती ने दूसरा ट्वीट कर कहा कि सरकार हर हाल में बॉर्डर की रक्षा करे। उन्होंने लिखा, 'ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है।'

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