बारिश में प्रकृति की खूबसूरती से सज जाता है छत्तीसगढ़, मन मोह लेते हैं झरने



रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश को प्रकृति ने अनूठें उपहारों से नवाजा है। प्रदेश की प्राकृतिक छटा यहां आने वालों का मन मोह लेती है। बारिश के मौसम में छत्तीसगढ़ की सैर करना काफी मनोहारी होता है। यहां चारों ओर उचीं उंची पहाडि़या जो पानी गिरने के कारण हरे मखमल की चादर ओढ़े नजर आती हैं। उनके बीच से गिरते कल कल करते झरने काफी सुरम्य दिखाई पड़ते हैं।

प्रदेश के पर्यटन स्थल पहली बारिश के बाद ही खिलखिला उठते हैं। यहां सबसे प्रसिद्ध लोहारा बावली, तीरथगढ़ के झरने, चेतुरगढ़ का किला, चित्रकूट झरना, जतमई घटारानी झरना, कोसागाईगढ़, जोगीमारा गुफ़ा, कैलाश गुफ़ा, कुटुम्बसर गुफ़ा, सीताबेंगरा गुफ़ा, अमृतधारा झरना, महागिरजाघर, कवर्धा महल, राजिम गड़निया जलप्रपात आदि हैं। इसके अलावा बारिश के बाद प्राकृतिक झरने बनने के कारण कई और स्थल हैं जो पर्यटन का केंद्र बन जाते हैं।

जगदलपुर के पास चित्रकूट झरना प्रदेश का सबसे मनोहारी झरना है इसे छत्तीसगढ़ का नियाग्रा फाल भी कहा जाता है। इसे देखने के लिए लोग दूर दूर से पहुंचते हैं। यहां छुट्टियों के समय सबसे भीड़ रहती है। जतमई और घटारानी झरना राजधानी के करीब है इसलिए लोग बारिश के मौसम में इसके प्राकृतिक सौंदर्यता को देखने जरूर जताते हैं।

बारिश की बूंदे पडऩे के बाद एेतिहासिक स्थलों में भी नई जान आ जाती है। गर्मी के मौसम की चिलचिलाती धूप के कारण लोग यहां तक नहीं पहुंचते लेकिन बारिश के मौसम में यहां के पत्थरों में नई चमक आ जाती है। आसपास का नजारा भी काफी लुभावना नजर आता है।

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