मोदी अपने बयानों से चाइना को मौका न दें, शब्दों का ख्याल रखें : मनमोहन सिंह



पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का बोलना है कि पीएम को लद्दाख विवाद पर बयान के बाद अपने शब्दों के प्रति सावधान रहना चाहिए. पीएम चाइना को अपने शब्दों का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दे सकते. पीएम को हमेशा अपने शब्दों लेकर देश की सुरक्षा पर घोषणाओं के लिए सावधान रहना चाहिए. कूटनीति के लिए गलत जानकारी ठीक नहीं है.


दरअसल हाल ही में एलएसी पर सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद सर्वदलीय मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने सियासी दलों से बोला था कि- आज हमारे पास यह क्षमता है कि कोई भी हमारी जमीन के एक इंच हिस्से को भी नहीं ले सकता है. हिंदुस्तान की सशस्त्र सेना एक बार में कई क्षेत्रों में जाने की क्षमता रखती है.' प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सियासी दलों से कहा, 'न तो चाइना ने हमारी सीमा में घुसपैठ की है व न ही कोई पोस्ट बनाया गया है. हमारे 20 जवान शहीद हो गए, लेकिन जिन लोगों ने हिंदुस्तान माता को याद किया, उन्हें सबक सिखाया गया.


गौरतलब है कि बीते 15 जून की रात गलवान घाटी में चीनी व इंडियन आर्मी की झड़प में चाइना के 40 से ज्यादा जवान या तो घायल हुए या मारे गए. वहीं हिंदुस्तान केे 20 जवान शहीद हुए. सैन्य सूत्रों ने जानकारी दी कि इससे पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प वाले जगह के पास हिंदुस्तान व चाइना की सेनाओं के डिविजनल कमांडरों के बीच मीटिंग बेनतीजा रही. मेजर जनरल स्तरीय वार्ता में गलवान घाटी से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को लागू करने पर चर्चा हुई । छह जून को दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य बातचीत में इसी पर सहमति बनी थी.


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