चीनी सैनिकों के साथ PLA का कमांडिंग ऑफिसर भी मारा गया



वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक गलवान घाटी में बीते 15 जून को हुई हिंसक झड़प में मारे गए चीनी सैनिकों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) यूनिट का एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल था। घटना की जानकारी रखनेवाले एक अधिकारी ने सोमवार (2 जून) को यह बताया। नाम जाहिर ना करने की शर्त पर एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए बीते सप्ताह जब दोनों ओर से कूटनीतिक और सैन्य बातचीत हो रही थी उसी दौरान चीन की तरफ से भारतीय पक्ष को इस बात की पुष्टि की गई कि झड़प में उनके कमांडिंग ऑफिसर भी मारे गए।


इससे पहले, चीन ने सोमवार (22 जून) को पहली बार स्वीकार किया कि उसने पिछले हफ्ते लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुई हिंसक झड़प में 20 से कम सैनिक गंवाए हैं। भारतीय मीडिया द्वारा एक दिन पहले ही बताया गया था कि भारत ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 16 चीनी सैनिकों के शव सौंपे थे। बीजिंग में चीनी कम्युनिटी पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को चीनी विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि चीन हताहतों कि संख्या इसलिए नहीं बताना चाहता, क्योंकि वह नहीं चाहता कि सीमा पर संघर्ष बढ़े।

वहीं, चीन ने केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख, जनरल (अवकाशप्राप्त) वी.के सिंह की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से सोमवार (22 जून) को इनकार किया जिसमें उन्होंने शनिवार (19 जून) को दावा किया था कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 40 से अधिक चीनी सैनिक भी मारे गए हैं। चीन ने कहा कि उसके पास इस मुद्दे पर जारी करने के लिए कोई सूचना नहीं है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बीजिंग में एक प्रेस वार्ता के दौरान दोहराया कि, “चीन और भारत कूटनीतिक एवं सैन्य माध्यमों के जरिए स्थिति को सुलझाने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं।” सिंह की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मेरे पास इस बारे में देने के लिए कोई सूचना नहीं है।”

कर्नल समेत 20 भारतीय जवान शहीद, चीन के 43 जवान हताहत
पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सेनाओं के बीच गतिरोध कम करने के प्रयासों के बीच सोमवार (15 जून) को गलवान घाटी में तीन घंटे तक दोनों सेनाओं के बीच चले खूनी संघर्ष में भारतीय सेना के एक कमांडिग अधिकारी (कर्नल) समेत 20 जवान शहीद हो गए। इस झड़प में चीनी जवानों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है, लेकिन चीन की तरफ से यह नहीं बताया गया है कि उसके कितने सैनिक हताहत हुए हैं। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 43 चीनी सैनिक या तो गंभीर रूप से घायल हुए हैं या मारे गए हैं। घटना वाले दिन घायल सैनिकों की तलाश में चीनी हैलीकॉप्टर दिन भर एलएसी के करीब देखे गए। खबर है कि घायल जवानों को एयर लिफ्ट करने की कोशिश की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी नहीं हुई।

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