चीन पर नहीं बोले PM, राहुल का अटैक-तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा....

पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में चीन का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बाद से ही कांग्रेस और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी पर हमला शुरू कर दिया है।


   


पीएम मोदी ने अपने संबोधन में चीन मुद्दे पर कोई बात नहीं की


राहुल गांधी ने चीन मसले बोलने के लिए पीएम से अपील की थी


गरीबों को नवंबर तक मुफ्त राशन देने पर कांग्रेस ने खुशी जताई


नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को अपने संबोधन में देशवासियों से कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति और अनलॉक-2 आदि मुद्दों पर बात की। इस दौरान मोदी ने 80 करोड़ देशवासियों को नवंबर तक मुफ्त अनाज देने का बड़ा ऐलान भी किया। हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में चीन के साथ बॉर्डर पर चल रही टेंशन का एक बार भी जिक्र नहीं किया।
चीन के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे राहुल गांधी ने पीएम के संबोधन से पहले ही पीएम मोदी से चीन के मसले पर सरकार का पक्ष और कार्रवाई के बारे में जानकारी रखने की अपील की थी। राहुल ने ट्वीट के जरिए कहा था कि 'चीन के सैनिक लद्दाख में 4 जगहों पर बैठे हैं। नरेंद्र मोदी जी आप देश को बताइयेगा की चायना की फौज को हिंदुस्तान से कब निकालेंगे और कैसे?'

मोदी ने राहुल की अपील को ठुकराया

राहुल गांधी के संदेश को दरकिनार करते हुए पीएम मोदी ने अपने भाषण में चीन के मसले को लेकर कोई बयान नहीं दिया। इसके बाद से कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। पीएम के संबोधन के तुरंत बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर शायराना अंदाज में मोदी पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट में लिखा, तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला कैसे लुटा, मुझे रहज़नों से गिला तो है, पर तेरी रहबरी का सवाल है। इस ट्वीट से राहुल ने एक बार फिर चीन के मुद्दे पर पीएम मोदी पर सीधा हमला किया है।

उधर, कांग्रेस की ओर से भी मोदी पर हमला किया गया। कांग्रेस के आफिशियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि मोदी की ओर से चीन की निंदा करना को दूर की बात है, मोदी चीन के मसले पर देशवासियों से बात करने में भी डरते हैं।

इस बात पर की मोदी की तारीफ
कांग्रेस की ओर से ट्वीट कर कहा गया है कि, हमें यह सुनकर खुशी हुई कि पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती की सलाह पर ध्यान दिया है। उनकी सलाह को मानते हुए गरीबों को मुफ्त भोजन देने के प्रावधानों का विस्तार किया गया है।

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